बड़ी तन्मयता देखा था तुमने मुझे
और मैं कुछ सकुचाते हुए सोच रहा था कि
आखिर ये क्या है !
आखिर कौन से पल तुम्हे लगा कि मेरा कन्धा
तुम्हारे सिर को टिकाने, तुम्हारे आंसुओं को सोखने और
तुम्हे सहारा देने के लिए सबसे उपयुक्त जगह है,
थोड़ी देर के लिए तो मैं मान भी सकता हूँ,
मगर पूरी ज़िन्दगी के लिए ? ये फैसला बहुत अजीब हो सकता है ,
क्योंकि तुम्हे सच बताऊं तो मेरे अंदर लेशमात्र भी सहनशीलता नहीं है ,
मैं संभवतः तुम्हे एक तुनकमिज़ाज व्यक्ति
या फिर निरंकुश विचार लग सकता हूँ।
कारण इसका कुछ विशेष नहीं है
